Saturday, 21 April 2012


  मेरे देश में राम राज्य  जाय  
काश की मेरे देश में अब ऐसा हो जाय
गाँधी ने जो सपना देखा वो सच हो जाय
फिर से मेरे देश में राम राज्य  जाय
 गाँधी ने जो सपना देखा वो सच हो जाय

कैसा दुर्भाग्य है हमारे देश का
जो ऐसे हमें  हैं नेता  मिले 
भ्रष्टाचार के मामले में उनसे आगे न  कोई 
दुनियां में ढूंढें   न कोई ढूंढें मिले 
भ्रष्टाचार है रग रग में उनके  ऐसा भरा 
करते रहते हैं  घोटाले पे घोटाले सदा 
भ्रष्ट नेता जीतते हैं इलेक्शन  भ्रष्टाचार से
हर  इलेक्शन में हैं भ्रष्टाचार बढ़ाते गए 
भ्रष्टाचार बढ़ते  बढ़ते बहुत बढ़ गया है
सदाचार भ्रष्टाचार के मरघट में दफ़न हो गया  है
समाजवाद का झंडा हमरे लिए कफ़न हो गया है 
यह बिमारी है बढ़ रही तेज़ी से दिन रात
वक्त आ गया है की सब  दें अना जी  का साथ 
मिल कर मिटा दें  उनके नामों निशान 
बचालें अपनी आबरू व्  अपने देश का समान 
 काश की मेरे देश में अब ऐसा हो जाय
गाँधी ने जो सपना देखा वो सच हो जाय
फिर से मेरे देश में राम राज्य  जाय
 गाँधी ने जो सपना देखा वो सच हो जाय

करता हूँ इल्तजा अपने हुकमरानो से 
झाँक कर देखें अपने गरेबान में 

देश भक्ति  का दावा जो करते हैं वो 
किया उस पे खरे उतारते हैं वो 
धरम राज को किया मुंह दिखायेंगे वो 
जो दायत्व अपना न निभायेंगे वो 
अभी भी वक्त है बदल्दें अपने को
समझ जाएँ उनको  करना है जो 
आशा करता हूँ यह उनकी समझ में आ जाय 
काश की मेरे देश में अब ऐसा हो जाय
गाँधी ने जो सपना देखा वो सच हो जाय
फिर से मेरे देश में राम राज्य हो जाय
 गाँधी ने जो सपना देखा वो सच हो जाय

करता हूँ प्रभु  से विनती 
दे सद बुधी व् हिमत  देशवासियों को   
मिटा के रख दें भ्रष्टाचार को 
कोइ न बहुत अमीर हो न कोइ हो गरीब 
सुख चैन की ज़िन्दगी सब को हो नसीब 
सब के सर पे छत हो कोइ न मांगे भीख 
बढ़ों की हो इज़त व् मिले स्त्री को सामान
हर परिवार सुखी हो और मिले बचों को प्यार 
न कहीं लूटपाट हो न हों बलात्कार 
प्यार प्रेम का वातावरण हो  और  बने सुखी संसार

काश की मेरे देश में अब ऐसा हो जाय 
गाँधी ने जो सपना देखा वो सच हो जाय
फिर से मेरे देश में राम राज्य हो जाय
BANSI  DHAMEJA









  Apni  marzi se nahin aye is jahan men

HAM APNI MARZI NAHIN AYE IS JAAHN MEN
BHEJA HAI KHUDA NE HAMEN IS JAHAN MEN
KIYA KARNE KO BHEJA HAI AB TAK PATA NAHIN
BHATKTE RAHTE HAIN APNE BANAYE HUYE JAL MEN
KAB TAK BHATKENGE YEH BHI PATA NAHIN
KAB WAPAS BULAYEGA YEH BHI MALOOM NAHIN
LAGTA HAI KUCHH AISA KARKE JAYEN IS JANAM MEN
TA KI WAPIS NA AANA PAREY PHIR IS JHAN MEN
                                                           BANSI DHAMEJA

Wednesday, 11 April 2012

JEEVAN PATH PAR CHALTE CHALTE


                           जीवन पथ
 जीवन के पथ पर चलते चलते कितिनी दूर मैं आ गया हूँ
प्रभु ने मुझको शक्ति दी है अभी तक तो थका नहीं हूँ 
जीवन के पथ पर चलते चलते कितिनी दूर मैं आ गया हूँ
बहुत कुछ मोझ्को याद आता है जब पीछे मैं  देखता हूँ 
ठोकर खा कर मैं  सम्भला हूँ हाथ जला कर मैं रोया हूँ 
जीवन के पथ पर चलते चलते कितिनी दूर मैं आ गया हूँ

 दो बातें अपने जीवन की अभी तक मैं भूला नहीं हूँ 
उन्हीं बातों के सहारे  मैं आगे मैं बढ़ता आया हूँ 
जीवन के पथ पर चलते चलते कितिनी दूर मैं आ गया हूँ
प्रभु ने मुझको शक्ति दी है अभी तक तो थका नहीं हूँ 

याद आती हैं माँ की कुछ कुछ बातें जिन्हें याद मैं करता आया हूँ 
जब मैं छोटा बचा था माँ मुझको समझती थीं 
किहती थी दो दूत हमारे कंधो पर सदा साथ   हैं रहते 
बायाँ  लिखता है जूठ मकरी जो भी जब हम  हैं करते 
और दायाँ लिखता सत कर्म हमारे जो भी जब हम हैं  करते
जब जायेंगे धर्म राज के पास तोवोह   यह सब लेखा देखेगा 
देगा हमारे सब कर्मों का फल और अगला जनम वैसा जीना होगा 
इसीलिए समझती थी दूर रहो मकारी से  और सत कर्म सदा ही किया करो 
इसी राह  पर चलने की कोशिश  मैं करता आया हूँ 
जीवन के पथ पर चलते चलते कितिनी दूर मैं आ गया हूँ 
प्रभु ने मुझको शक्ति दी है अभी तक तो थका नहीं हूँ 
जब मैं ज़रा बढ़ा हुआ जीवन में रिश्तों के मसले  आते थे 
जैसा कोई हमारे साथ करे वैसा ही हम उसके साथ करें 
मैं तो ऐसा सोचता था  पर  डैडी मुझे समझाते थे 
बंसी अपनी तोढ़ निबाह उसकी उह जाने और वो कहते थे 
कौन तुम्हारे साथ किया करता है  उसपे धियान न दिया करो 
अपने जीवन को तुम  अपना  फ़र्ज़ समझ कर जिया करो  
अगर तुम अपना फ़र्ज़ निभाओगे तो मन का सुकून तुम पाओगे 
उनके दिखाए पथ पर चलने की कोशिश करता आया हूँ 
जीवन के पथ पर चलते चलते कितिनी दूर मैं आ गया हूँ
प्रभु ने मुझको शक्ति दी है अभी तक तो थका नहीं हूँ 
BANSI DHAME






SHER HAI USNE BANAYA


शेर है उसने बनाया 
उसे मनसाहरी भी उसने बनाया
भूख है उसने लगाई 
जीने की चाह भी उसने जगाई 
जीने के लिए 
भूख मिटानी होगी
भूख मिटने के लिए कुछ खाना होगा 
खाने के लिए किसीको मरना होगा 
मार कर शेर किसीको खाए 
तो उसका कसूर किया है 

मछर भी है उसने बनाया
उसका भोजन खून बनाया
उसको भी तो जीना होगा 
खून किसीका पीना होगा 
खून किसीका वोह पिए तो
उसका कसूर किया है
मेरा खून वोह पिएगा 
तो मैं तो उसको मारूंगा 
मैं ने भी तो जीना है 
मेरा कसूर किया है 
BANSI DHAMEJA

MILTE HAIN RAHI RAH MEN


मिलते हैं राही राह में   अपने  नसीब  से 
मिलते   हैं  राही राह में   अपने  नसीब  से 
कुछ  देते  हैं  गम  कुछ  ख़ुशी  अपने  नसीब  से 
मिलता  है  हमें  प्यार  भी  अपने  नसीब  से 
मिलिती  है हमें नफरत  भी अपने नसीब से
मिलते   हैं  राही राह में   अपने  नसीब  से 
कुछ  देते  हैं  गम  कुछ  ख़ुशी  अपने  नसीब  से 
 देते  है  साथ  जितनI भी  अपने  नसीब  से 
बिछर  जाते  हैं  तो  भी  अपने  नसीब  से 
मिलते   हैं  राही राह में   अपने  नसीब  से 
कुछ  देते  हैं  गम  कुछ  ख़ुशी  अपने  नसीब  से 
कुछ  दे जाते  हैं  नमी  आँखों  में 
 दे  जाते   ज़ख़्म  दिल  में 
जो  जिन्दंगी  भर  सूखते  नहीं 
कुछ  दे  जाते  हैं  ख़ुशी  और  प्यार  इतना 
जिसे ज़िन्दगी  भर  भूलते सकते  नहीं 
मुद्दत  के  बाद   भी  अकेले  में  याद    करके 
मुस्कराए  बगैर  रह  सकते  नहीं 
होता  है  यह   सब  अपने  नसीबन  से 
मिलते   हैं  राही राह में   अपने  नसीब  से 
कुछ  देते  हैं  गम  कुछ  ख़ुशी  अपने  नसीब  से 

मिला  है  यह  जिस्म  भी  अपने  नसीब  से 
मिला  है  परिवार  भी  अपने  नसीब  से 
मिला  है   हमसफ़र  भी  अपने  नसीब  से 
निभाया  है  अस्त  उसने  अपने  नसीब  से 
मिला  है  साथ  आप  सब  का  अपने  नसीब  से 
बैठे  हैं  आज  इस  महफ़िल  में  अपने  नसीब  से 
यiI  यii द् आते  रहेंगे   वोह   भी  अपने  नसीब  से 
बनता  है  नसीब  अपना   अपने  करम  से
 मिलते   हैं  राही राह में   अपने  नसीब  से 
कुछ  देते  हैं  गम  कुछ  ख़ुशी  अपने  नसीब  से