जीवन पथ
जीवन के पथ पर चलते चलते कितिनी दूर मैं आ गया हूँ
प्रभु ने मुझको शक्ति दी है अभी तक तो थका नहीं हूँ
जीवन के पथ पर चलते चलते कितिनी दूर मैं आ गया हूँ
बहुत कुछ मोझ्को याद आता है जब पीछे मैं देखता हूँ
ठोकर खा कर मैं सम्भला हूँ हाथ जला कर
मैं रोया हूँ
जीवन के पथ पर चलते चलते कितिनी दूर मैं आ गया हूँ
दो बातें अपने जीवन की अभी तक मैं भूला नहीं
हूँ
उन्हीं बातों के सहारे मैं आगे मैं बढ़ता आया
हूँ
जीवन के पथ पर चलते चलते कितिनी दूर मैं आ गया हूँ
प्रभु ने मुझको शक्ति दी है अभी तक तो थका नहीं हूँ
याद आती हैं माँ की कुछ कुछ बातें जिन्हें याद मैं
करता आया हूँ
जब मैं छोटा बचा था माँ मुझको समझती थीं
किहती थी दो दूत हमारे कंधो पर सदा साथ हैं रहते
बायाँ लिखता है जूठ मकरी जो भी जब हम हैं करते
और दायाँ लिखता सत कर्म हमारे जो भी जब हम हैं करते
जब जायेंगे धर्म राज के पास तो, वोह यह सब लेखा देखेगा
देगा हमारे सब कर्मों का फल और अगला जनम वैसा जीना होगा
इसीलिए समझती थी दूर रहो मकारी से और सत कर्म सदा ही किया करो
इसी राह पर चलने की कोशिश मैं करता आया हूँ
जीवन के पथ पर चलते चलते कितिनी दूर मैं आ गया हूँ
प्रभु ने मुझको शक्ति दी है अभी तक तो थका नहीं हूँ
जब मैं ज़रा बढ़ा हुआ जीवन में रिश्तों
के मसले आते थे
जैसा कोई हमारे साथ करे वैसा ही हम उसके साथ
करें
मैं तो ऐसा सोचता था पर डैडी मुझे
समझाते थे
बंसी अपनी तोढ़ निबाह उसकी उह जाने और वो कहते थे
कौन तुम्हारे साथ किया करता है उसपे धियान न दिया
करो
अपने जीवन को तुम अपना फ़र्ज़ समझ कर जिया करो
अगर तुम अपना फ़र्ज़ निभाओगे तो मन का सुकून
तुम पाओगे
उनके दिखाए पथ पर चलने की कोशिश करता आया हूँ
जीवन के पथ पर चलते चलते कितिनी दूर मैं आ गया हूँ
प्रभु ने मुझको शक्ति दी है अभी तक तो थका नहीं हूँ
BANSI
DHAME
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