शेर है उसने बनाया
उसे मनसाहरी भी उसने बनाया
भूख है उसने लगाई
जीने की चाह भी उसने जगाई
जीने के लिए
भूख मिटानी होगी
भूख मिटने के लिए कुछ खाना होगा
खाने के लिए किसीको मरना होगा
मार कर शेर किसीको खाए
तो उसका कसूर किया है
मछर भी है उसने बनाया
उसका भोजन खून बनाया
उसको भी तो जीना होगा
खून किसीका पीना होगा
खून किसीका वोह पिए तो
उसका कसूर किया है
मेरा खून वोह पिएगा
तो मैं तो उसको मारूंगा
मैं ने भी तो जीना है
मेरा कसूर किया है
BANSI
DHAMEJA
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